
आजमगढ़ जिला अस्पताल से खुशबू रेफर पीजीआई आजमगढ़ के लिए स्थिति नाजुक जमीनी विवाद में दो पक्षों में जमकर मार पीट।कई लोग हुये घायल पीड़ित ने पुलिस पर कार्रवाई न करने का लगाया आरोप।जनपद आजमगढ़। के थाना मेहनगर क्षेत्र अंतर्गत जमीनी विवाद को लेकर दो पक्षों में जमकर मारपीट का मामला सामने आया है। इस घटना में कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। पीड़ित पक्ष की ओर से प्रेमा देवी पत्नी श्यामलाल, निवासी ग्राम टिकरी, थाना देवगांव, जिला आजमगढ़ ने पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ व पुलिस उपमहानिरीक्षक परिक्षेत्र आजमगढ़ को प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है।प्रेमा देवी के अनुसार, वह अपने मायके ग्राम गोपालपुर,।थाना मेंहनगर में शादी समारोह में शामिल होने आई थीं। उनके पिता घूरा का गांव के ही रामविलास से पुराना जमीनी विवाद चल रहा है, जिसका मुकदमा वर्तमान में राजस्व परिषद लखनऊ में विचाराधीन है।आरोप है कि दिनांक 15 मार्च 2026 को सुबह करीब 6 बजे विपक्षी पक्ष के विवेक पुत्र रामविलास, शिवा, प्रेम पुत्रगण सुबाष, अनीता पत्नी रामविलास, लक्ष्मीना पत्नी विश्वनाथ, संजना व नंदनी पुत्रीगण रामविलास, रीना पत्नी कैलाश तथा मुन्नी पत्नी सुबाष लाठी,डंडा, फावड़ा व रम्मा लेकर एक राय होकर विवादित आराजी संख्या। 671 (रकबा 0.7560 हेक्टेयर) पर पहुंचे और पहले से गड़े खूंटे उखाड़कर अपने हिस्से से अधिक भूमि पर कब्जा करने का प्रयास करने लगे।जब प्रेमा देवी के पिता घूरा, भाई व अन्य परिजनों ने इसका विरोध किया तो आरोपियों ने हमला कर दिया। इस दौरान खुशबू, रामचन्द्र पुत्र घूरा, रामाश्रय पुत्र विरजू, घूरा, पूजा पुत्री हरिश्चन्द्र तथा विमला पत्नी हरिश्चन्द्र को घेरकर लाठी-डंडों से सिर व शरीर के अन्य हिस्सों पर गंभीर चोटें पहुंचाई गईं, जिससे सभी घायल होकर गिर पड़े।घटना के बाद घायलों को पुलिस व एम्बुलेंस की मदद से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मेंहनगर ले जाया गया, जहां से खुशबू, रामचन्द्र और रामाश्रय की हालत गंभीर होने पर उन्हें जिला अस्पताल आजमगढ़ रेफर कर दिया गया। वर्तमान में खुशबू की हालत नाजुक बनी हुई है, खुशबू को 18 मार्च 2026 को पीजीआई चक्रपानपुर (फायर सेंटर) रेफर किया गया है।पीड़ित प्रेमा देवी का आरोप है कि घटना के कई दिन बीत जाने के बावजूद पुलिस ने अभी तक उनके पक्ष की तहरीर पर मुकदमा दर्ज नहीं किया है। जबकि घूरा सहित कई लोगों का मेडिकल भी जिला अस्पताल आजमगढ़ में कराया जा चुका है। उनका यह भी कहना है कि दूसरे पक्ष द्वारा मुकदमा दर्ज कराए जाने के बावजूद उनके पक्ष की शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।पीड़ित ने उच्च अधिकारियों से निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
