
संतोष कश्यप ने आरोप लगाया है कि उन्होंने वर्ष 1991 में ग्राम पंचायत ठोठिया में 72 कड़ी जमीन खरीदी थी। लेकिन वर्तमान में मौके पर मात्र लगभग 60 कड़ी जमीन ही उपलब्ध है। उनका कहना है कि उसी विक्रेता द्वारा अन्य दो लोगों को भी जमीन बेच दी गई, जिससे विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई।संतोष कश्यप का आरोप है कि जमीन के बंटवारे को लेकर पहले भी मारपीट की घटना हो चुकी है। उनका दावा है कि उनकी लगभग 10 कड़ी जमीन कम पड़ रही है, जिससे वह आर्थिक और मानसिक रूप से काफी परेशान हैं।उन्होंने बताया कि इस मामले में तहसील मेंहनगर और थाना स्तर पर न्याय नहीं मिलने पर उन्होंने न्यायालय की शरण ली है। वर्तमान में मामला न्यायालय में विचाराधीन है।संतोष कश्यप के अनुसार, जमीन विवाद के कारण उनका परिवार मुंबई में कठिन परिस्थितियों में जीवन यापन कर रहा है, जबकि वह स्वयं न्याय की उम्मीद में इधर-उधर भटक रहे हैं।अब सभी की नजर न्यायालय के फैसले पर टिकी है, जिससे उम्मीद की जा रही है कि लंबे समय से चले आ रहे इस विवाद का समाधान होगा और पीड़ित को न्याय मिल सकेगा।
